पूजा में महिलाएं क्यों ढकती हैं अपने सिर को, जानें इसका धार्मिक महत्व

पूजा में महिलाएं क्यों ढकती हैं अपने सिर को, जानें इसका धार्मिक महत्व

हम अक्सर यह देखते हैं कि सभी धर्मों की महिलाएं सिर ढ़ककर रखती हैं। कुछ दुपट्टा का इस्तेमाल करती हैं तो वहीं कुछ औरतें अपने साड़ी के पल्लू से अपना सिर ढ़कती हैं। भगवान की पूजा के दौरान सिर ढ़काना जरूरी होता है। सिर ढ़कने के बाद ही भगवान की पूजा शुरू की जाती है।

दरअसल सिर ढ़कने की परंपरा हमारे समाज में सदियों से चली आ रही है। इसके पीछे कई कारण बताएं गए हैं। अगर आप मंदिर में भगवान के सामने सिर ढ़कते हैं तो इसका मतलब होता है कि आप भगवान को आदर सम्मान प्रकट कर रहे हैं।


वहीं अगर आप अपने परिवार में किसी बड़े के सामने सिर ढ़क रहे हैं तो इसका मतलब होता है कि आप उन्हें सम्मान दें रहे हैं। जब आप सिर ढ़कते हैं तो आपके पास से नकारात्मक ऊर्जा दूर चली जाती है।

सिर ढ़ककर पूजा करने से आपके पास सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है। ऐसी मान्यता है कि सिर ढ़ककर पूजा करने से आपका मन एकाग्र रहता है और आपका सारा ध्यान भगवान के पास लगता है।

हम अपने घर में या फिर मंदिर में अगर पूजा-पाठ करते हैं तो सबसे पहले पंडित हमें सिर ढ़कने के लिए कहता है। ऐसा करने से हम खुद को नकारात्मक ऊर्जा से बचाते हैं और हमारा पूजा सफल होता है।

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