थोक महंगाई दर में देखने को मिली कटौती

थोक महंगाई दर में देखने को मिली कटौती

जहां खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों ने केन्द्र सरकार को परेशान किया हुआ है, वहीं दूसरी ओर थोक महंगाई दर के आंकड़ों ने कुछ राहत की बूंदें बिखेरी हैं. अक्टूबर में देखने को मिली है. वहीं खाने पीने की वस्तुओं की थोक महंगाई दर में इजाफा देखने को मिला हैै. आलू व प्याज की थोक महंगाई में कमी देखने को मिली है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि बुधवार को खुदरा महंगाई दर के आंकड़ें सामने सामने आए थे. जिससे केन्द्र सरकार बहुत ज्यादा परेशान दिख रही थी

थोक महंगाई को मोर्चे पर सरकार को राहत मिली है. अक्टूबर में थोक महंगाई सितबंर के 0.33 प्रतिशत से घटकर 0.16 प्रतिशत पर आ गई. वहीं खाने-पीने की सामानों में थोक महंगाई में इजाफा हुआ है. महीने के आधार पर आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर महीने में खाने पीने के सामान में थोक महंगाई 5.98 प्रतिशत से बढ़कर 7.65 प्रतिशत पर पहुंच गई है.


सब्जियों व दालों की महंगाई में आई कमी
अक्टूबर में प्याज की थोक महंगाई 122.40 प्रतिशत से कम होकर 119.84 प्रतिशत पर आई व आलू की थोक महंगाई -22.50 प्रतिशत के मुकाबले -19.60 प्रतिशत रही. वहीं दालों की थोक महंगाई की बात करें तो 17.94 प्रतिशत से घटकर 16.57 प्रतिशत पर आ गई है. अंडे व मांस की थोक महंगाई 7.45 प्रतिशत से बढ़कर 7.61 फीसदी, सब्जियों की थोक महंगाई 19.43 प्रतिशत से बढ़कर 38.91 फीसदी, मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की थोक महंगाई -0.42 प्रतिशत पर बरकरार रही है. वहीं फ्यूल एंड क्षमता की थोक महंगाई -7.05 प्रतिशत के मुकाबले -8.27 प्रतिशत रही है.

खुदरा महंगाई दर में इजाफा
देश में अक्टूबर के दौरान खुदरा महंगाई दर पिछले महीने से बढ़कर 4.62 प्रतिशत हो गई. देश की खुदरा महंगाई दर इस वर्ष सितंबर में 3.99 प्रतिशत दर्ज की गई थी. इसी प्रकार, पिछले वर्ष के मुकाबले अक्टूबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में वृद्धि दर्ज की गई. पिछले वर्ष अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 3.38 प्रतिशत थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी ऑफिस (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) में अक्टूबर में 7.89 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि सितंबर में 5.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी.

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