बिजली उत्पादन लिए 1,000 करोड़ रुपए का प्रावधान : मुख्यमंत्री विजय रूपाणी

बिजली उत्पादन लिए 1,000 करोड़ रुपए का प्रावधान : मुख्यमंत्री विजय रूपाणी

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने गुरुवार को कहा कि बिजली उत्पादन के लिए इस वर्ष 1,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।रूपाणी ने आज यहां पर आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोगों के हर्षोल्लास के बीच राष्ट्र ध्वज फहराया। उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 और उसके उपबंध 35-ए को हटाने के कारण इस बार के स्वतंत्रता दिवस को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 और 35-ए के कारण पूरे देश को ऐसा लगता था मानों कश्मीर राज्य पूरे भारत से अलग है। कश्मीर को दिए गए विशेष दर्जे ने हमारे देश में अलगाववाद पैदा किया।

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर के लिए लड़ते हुए शहादत दे दी। कश्मीर घाटी में सात दशकों तक अलगाववादियों ने आतंकवाद को हवा दी। 41 हजार से अधिक निर्दोष लोग आतंक का शिकार बने और इन 70 सालों के दौरान कश्मीर विकास से वंचित रहा। गुजरात के दो वीर सपूतों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने 72 वर्ष बाद पांच अगस्त 2019 को पूर्ण स्वराज का स्वप्न साकार किया है। अनुच्छेद 370 और उसके उपबंध 35-ए को हटाया और सवा सौ करोड़ भारतीयों के लिए वास्तव में आजादी का यह 73वां पर्व एक ऐतिहासिक पर्व बन गया है।


उन्होंने कहा कि गुजरात में भी हमारी सरकार ने गांधी, सरदार, नरेन्द्रभाई और अमितभाई के पदचिन्हों पर चलकर स्वराज के बाद सुराज (सुशासन) को स्थापित किया है। आजादी से पूर्व ‘देश के लिए मरना’ जन-जन का मंत्र था। अब ‘देश के लिए जीना’ का मंत्र अपनाते हुए देश में राजनीतिक विकास का नया युग ‘विकास की राजनीति’ के रूप में स्थापित किया है।

उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के लिए, लोगों के जरिए, लोगों द्वारा लोगों के सपनों को साकार करती है। इस सरकार ने जात-पात, भाषा-धर्म और प्रांत-प्रदेश से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और सौहार्द से सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को साकार किया है। प्रजातंत्र में जनता ही सर्वोपरि है और संकट के समय में जनता ने हमेशा ही एक परिपक्व जनादेश दिया है। लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाया है। सामान्य मनुष्य गरीब, वंचित, पीड़ित, शोषित, गांव, किसान, युवा और महिलाओं सहित सभी को लगता है कि यह सरकार उनकी अपनी सरकार है।

श्री रूपाणी ने कहा कि एक पल भी विश्राम किए बगैर दिन-रात जनकल्याण के कार्यों में यह सरकार समर्पित है। 600 से अधिक निर्णय कर अनिर्णायकता को दूर कर निर्णायकता के आधार पर हम आगे बढ़ रहे हैं। संवेदनशील सरकार के रूप में प्रत्येक जीवों की चिंता, सभी को अभयदान, उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे अनेक निर्णय हैं जिसमें हमने लोगों, गरीबों और पीड़ितों के लिए हमने संवेदनशीलता व्यक्त की है।

गुजरात के 60 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री अमृतम-मा और मा वात्सल्य जैसी योजना क्रियान्वित कर सभी को स्वास्थ्य सुरक्षा सुलभ कराई है ताकि किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े। बेटी का जन्म से ही स्वागत करने को ‘व्हाली दीकरी’ (प्यारी बिटिया) योजना शुरू की है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और अब बेटी के स्वागत के साथ उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर, कहीं भी दुर्घटना होने की स्थिति में गोल्डन ऑवर में 50 हजार रुपए की सहायता सरकार देती है। हमारा प्रयास है कि ऐसी स्थिति में डॉक्टरों व हॉस्पिटलों को पैसे का इंतजार न करना पड़े, हमने यह योजना लागू कर दी है। साथ ही गरीब परिवारों में विवाह के मौके पर बारात ले जाने के लिए पुराने प्राइवेट वाहनों के इस्तेमाल से दुर्घटनाएं होती थीं।

अब बारात के लिए राज्य परिवहन (एसटी) की बस कम दरों पर मुहैया कराई जा रही है। हमारा प्रयास है कि गरीबों के यहां विवाह खुशी का अवसर बने और इसलिए ही उस दिशा में गरीबों के लिए निर्णय किया है। इसके अलावा, गरीबों और मजदूरों के लिए मां अन्नपुर्णा योजना के तहत 10 रुपए में भरपेट गर्म भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। हमने इस बात की चिंता की है कि हर किसी को दाल-भात, सब्जी-रोटी मिले, कोई भूखा न सोए। गरीबों को रहने के लिए एक अदद छत की सुविधा मिले इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना लागू की। प्रत्येक को अपना घर मिले उस दिशा में रोटी, कपड़ा मकान की चिंता भी इस राज्य सरकार ने की है।

राज्य की माता-बहनों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। राज्य सरकार के पारदर्शी शासन का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो को ज्यादा मजबूत बनाकर पूरे अधिकार प्रदान किए हैं। भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए इस सरकार ने छूट दी है। ऐसे अनेक कानून और नियम थे जिसके चलते भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन मिलता था। ऐसे कानूनों और नियमों को बदला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हितों को इस सरकार ने हमेशा प्रधानता दी है। किसानों को ब्याज के चंगुल से बचाने के लिए कृषि ऋण शून्य फीसदी ब्याज दर पर दिया है। 500 करोड़ रुपए का रिवॉल्विंग फंड स्थापित किया है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत गुजरात के सभी किसानों को शामिल किया है। 8,000 करोड़ रुपए की कृषि उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदा है। किसानों को पर्याप्त पानी और बिजली मुहैया कराई है।

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