पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को दिखाया 250 टन का ये विशालकाय पत्थर, इसके बारे में मशहूर है ये कहावत

पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को दिखाया 250 टन का ये विशालकाय पत्थर, इसके बारे में मशहूर है ये कहावत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित कृष्णा बटरबॉल की सैर कराई। यह एक विशालकाय ग्रेनाइड पत्थर है जो कि बेहद प्रसिद्द है। इस चट्टान की ऊंचाई करीब छह मीटर है और यह पांच मीटर चौड़ा है। पत्थर का वजन करीब 250 टन है। यह चट्टान चार फीट से भी कम पहाड़ी के ढलान पर स्थित है। यह विशालकाय पत्थर कृष्णा का बटरबॉल नाम से मशहूर है। कहा जाता है कि यह पत्थर सीधे स्वर्ग से गिरकर यहां आया है। इसी वजह से इस पत्थर को भगवान का पत्थर भी कहते हैं। हालांकि ये कल्पित कथाए हैं। इस विशालकाय पत्थर को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक महाबलीपुरम आते हैं। बता दें कि महाबलीपुरम एक ऐतिहासिक शहर है जिसे ममल्लापुरम भी कहा जाता है। बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा ये शहर 7वीं और 8वीं शताब्दी में बने अपने भव्य मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां घूमने का सही समय अक्टूबर से लेकर मार्च तक होता है। अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो जानें महाबलीपुरम में कहां-कहां घूम सकते हैं।

कृष्णा बटर बॉल
महाबलीपुरम में स्थित इस चट्टान को ‘कृष्णा बटर बॉल’ कहते हैं। इस चट्टान की ऊंचाई 20 फीट है और यह 5 मीटर चौड़ी है। चट्टान का आधार 4 फीट से भी कम है, जबकि यह एकदम पहाड़ी की ढलान पर स्थित है। एेसा कहा जाता है कि यह कृष्ण के मक्खन टुकड़ा है, जो खाते वक्त स्वर्ग से गिर गया था।


अर्जुन पेनेन्स
यह स्थान अपनी भव्य नक्काशी के लिए लोकप्रिय है। यह 27 मीटर लंबा और 9 मीटर चौड़ा है। यहां भगवान शिव से पशुपति अस्त्र हासिल करने के लिए अर्जुन की तपस्या की तस्वीरें पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यहां चार भुजाओं वाली भगवान शिव की भी मूर्ति है, जिसमें शिवजी का निचला हाथ वरद-मुद्रा में दिखाया गया है, जिससे वह अर्जुन को वरदान दे रहे हैं।

पंच रथ
महाबलीपुरम के कांचीपुरम जिले में पंच रथ एक स्मारक परिसर है। पंच रथ अखंड भारतीय रॉक-कट वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है।

शोर मंदिर
इस मंदिर का निर्माण नरसिंहवर्मन द्वितीय के काल में ग्रेनाइट से करवाया गया था। इसे बंगाल की खाड़ी के शोर के रूप में जाना जाता है। इस मंदिर को यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल सूची के अंतर्गत शामिल किया गया है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान शिव का एक शिवलिंग स्थापित है, वैसे यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इसी मंदिर परिसर में देवी दुर्गा का भी छोटा सा मंदिर है जिसमें उनकी मूर्ति के साथ एक शेर की मूर्ति भी बनी हुई है।

ऐसे पहुंचें
अगर आप दिल्ली के आसपास रहते हैं तो आप हवाई मार्ग के साथ ही रेलवे द्वारा भी महाबलीपुरम पहुंच सकते हैं। हालांकि दिल्ली और महाबलीपुरम के बीच कोई भी डायरेक्ट ट्रेन नहीं है। यहां आने के लिए आप चेन्नै तक की ट्रेन ले सकते हैं। नौ एक्सप्रेस और मेल ट्रेनें दोनों शहरों के बीच मौजूद हैं।

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Linkedin Join us on Linkedin Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS