फर्जी जानकारी दे टाइम कवर पेज पर छपवी तस्वीर, वही दिखाते हुए ली अमेरिकी विदेश मंत्रालय की नौकरी

फर्जी जानकारी दे टाइम कवर पेज पर छपवी तस्वीर, वही दिखाते हुए ली अमेरिकी विदेश मंत्रालय की नौकरी

टाइम मैग्ज़ीन के ‘स्पेशल एडिशन’ कवर पेज पर मिना चांग की एक तस्वीर छपी है, जिसमें वो मुस्कुराती नज़र आ रही हैं. फोटो के साथ टैगलाइन लिखा गया है, ‘हम दुनिया बदलते हैं: डिजिटल युग के आधुनिक मानवतावादी’.

ख़ास बात यह है कि मिना चांग ने इसी नक़ली तस्वीर को दिखाकर अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट में नौकरी पा ली. एनबीसी न्यूज़ चैनल की जांच में पता चला है कि मिना चांग ने झूठी जानकारी देकर नौकरी पाई और महीनों तक अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी.


हालांकि मिना चांग को फिलहाल नौकरी से निकाल दिया गया है. वो अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट में सहायक मंत्री थीं.

बता दें कि मिना चांग अप्रैल में विदेश मंत्रालय में नौकरी पाने से पहले एक छोटै गैर-लाभकारी संस्थान में मुख्य कार्यकारी थी. वह पब्लिक शो में आईएस और बोको हरम जैसे आतंकी संगठनों के प्रभाव कम करने के उपायों के बारे में चर्चा करती थी.

जनवरी 2017 में एक टीवी कार्यक्रम में इस्लामिक स्टेट और बोको हरम जैसे इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों पर लगाम लगाने के उपायों पर चर्चा हो रही थी. मिना चांग ने वहां पर भी टाइम मैगजीन का कवर पेज दिखाया था.

तब चांग ने इंटरव्यू में बताया था कि आपदा राहत के लिए ड्र्रोन तकनीक के इस्तेमाल के कारण ‘टाइम’ ने उसे अपने कवर पेज पर जगह दी है.

चांग के मुताबिक उसने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर किया है, जबकि उसने सिर्फ आठ सप्ताह का एक कोर्स किया था. उसने प्रोमोशन पाने के लिए वेबसाइटों पर गलत जानकारी दी, जिसे बाद में हटा लिया गया.

चांग को अमेरिका के इंटरनेशनल डेवलपमेंट ब्यूरो फॉर एशिया के लिए वरिष्ठ पद देने पर विचार हो रहा था. लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सितंबर में उसका नामांकन बिना किसी कारण वापस ले लिया. हालांकि व्हाइट हाउस की तरफ से चांग का नामांकन वापस लेने और उसके शैक्षणिक योग्यता के बारे कोई टिप्पणी नहीं की गई.

ट्रंप प्रशासन पर पहले भी बिना जांच पड़ताल के नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े हुए हैं. पिछले साल टेलर वेनेथ को व्हाइट हाउस ड्रग पॉलिसी ऑफिस में एक महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दी गई थी. लेकिन वॉशिंगटन पोस्ट में जब उसकी योग्यता को लेकर सवाल उठे तो उसे निष्कासित कर दिया गया था.

ठीक ऐसा ही जॉन रैचक्लिफ़ के मामले में भी हुआ था. रैचक्लिफ़ को खुफिया विभाग के निदेशक पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया था. जॉन रैचक्लिफ़ ने दावा किया था कि उसने एक ही दिन में 300 से ज्यादा प्रवासी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने पड़ताल में इस दावे को झूठा पाया.

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