लंदनःविश्व के सबसे गहरे समुद्र प्रशांत महासागर में एक अनोखे बैक्टीरिया की खोज हुई है। वैज्ञानिकों ने शोध से पता लगाया है कि मारियाना ट्रेंच समुद्र में एक ऐसा बैक्टीरिया है जो तेल का सेवन करता है।

अध्ययन में हाइड्रोकार्बन बैक्टीरिया के नए समूह की पहचान हुई।


हाइड्रोकार्बन बैक्टीरिया का पहचान किया

लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ एंगोलिया के वैज्ञानिक जोनाथन टॉड ने कहा, ‘हमारी रिसर्च टीम ने मारियाना ट्रेंच के सबसे गहरे हिस्से 11,000 मीटर में माइक्रोबियल पॉपुलेशन के नमूनों को इकट्ठा कर अध्ययन किया।

हाइड्रोकार्बन कार्बनिक यौगिक वे होते हैं जो केवल हाइड्रोजन और कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं, और ये कई जगहों पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस सहित पाए जाते हैं।’

कैमरून  ने इस खोज के लिए समुद्र की सतह में कई नमूने एकत्र करने के लिए एक विशेष पनडुब्बी का निर्माण किया था।

वे प्रसिद्ध समुद्री खोजकर्ता और अकादमी पुरस्कार विजेता हैं।

यह भी पता चला है की ये कई जगहों पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस सहित पाए जाते हैं।