आइए जानें कैसे उंगलियां भी बताती हैं व्यक्ति का भविष्य

आइए जानें कैसे उंगलियां भी बताती हैं व्यक्ति का भविष्य

धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष के अनुसार हाथों की उंगलियों को देखकर हम किसी भी व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं। कुछ विद्वान तो यहां तक मानते हैं की हाथों की उंगलियों से भूत, भविष्य और वर्तमान भी जाना जा सकता है। आइए जानें कैसे उंगलियां भी बताती हैं व्यक्ति का भविष्य

तर्जनी: प्रत्येक उंगली के तीन भाग होते हैं। प्रथम भाग में भौतिकता, दूसरे में तर्क एवं बुद्धि तथा तीसरे में मानसिकता का ज्ञान भरा होता है। तर्जनी उंगली के नीचे उभरा भाग गुरु पर्वत, मध्यमा के नीचे उभरा भाग शनि पर्वत, अनामिका के नीचे उभरा भाग सूर्य पर्वत एवं कनिष्ठा के नीचे उभरा भाग बुध पर्वत कहलाता है।


जिस व्यक्ति की तर्जनी उंगली अपेक्षाकृत छोटी होती है तो वैसे व्यक्ति आदि मानव के गुणों से युक्त, निर्दयी एवं स्वार्थी होते हैं। लंबी उंगली वाले व्यक्ति की सोच काफी विस्तृत होती है किंतु उसका स्वभाव शक्की होता है। जिन व्यक्तियों का गुरु पर्वत काफी उभरा होता है, वे स्त्री को हर प्रकार से सुख देना चाहते हैं। गुरु पर्वत का क्षीण होना अनेक प्रकार की बीमारियों जैसे एड्स, उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि का द्योतक होता है।

मध्यमा: तर्जनी के बाद वाली उंगली मध्यमा कहलाती है। जिन व्यक्तियों की मध्यमा उंगली का सिरा चौड़ा एवं फैला हुआ होता है, उनमें पर्याप्त व्यावहारिक बुद्धि होती है। ऐसे व्यक्तियों में धैर्य, संयम, शक्ति, साहस एवं कार्य के प्रति लगन होती है। उनमें आत्मविश्वास होता है तथा ऐसे लोग रूढि़वादी न होकर व्यवस्थित तरीके से अपने सभी कामों को पूरा करते हैं।

तर्जनी उंगली के नाखून पर सफेद धब्बा धन, यश तथा काला धब्बा हानि का द्योतक होता है। इसी प्रकार मध्यमा उंगली के नाखून पर पड़ा सफेद धब्बा संभावित यात्रा एवं काला निशान (धब्बा) किसी अनिष्ट आशंका को प्रकट करने वाला होता है। उंगलियों के सिरों पर बनने वाली शंकु जैसी आकृति का जाल व्यक्ति में मानसिक लचीलेपन को बतलाता है। ऐसे व्यक्ति समझौतावादी होते हैं तथा वातावरण एवं परिस्थिति के अनुरूप आसानी से स्वयं को बदल लेते हैं। ऐसे लोगों में स्नायु दौर्बल्यता, बदहजमी तथा हृदय रोगों की प्रधानता होती है।

अनामिका: जिन लोगों की अनामिका उंगली नुकीली होती है, ऐसे लोग दिवा स्वप्नद्रष्टा कहलाते हैं। इस श्रेणी में कवि, कलाकार, आदर्शवादी, दार्शनिक एवं महाआलसी व्यक्ति आते हैं। उनमें धार्मिक अंधविश्वास कूट-कूटकर भरा होता है तथा उनमें यौन संबंध अच्छे नहीं होते। ऐसे लोग प्राय: मानसिक बीमारियों से परेशान रहते हैं।

इसके विपरीत जिनकी उंगलियां गांठों से युक्त होती हैं। उनमें बौद्धिकता, तार्किक शक्ति एवं नियोजित तरीके से कार्य करने की क्षमता होती है। जिनकी उंगलियों में गांठें नहीं होतीं, वे घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने में प्रवीण होते हैं। अनामिका उंगली के नाखून पर सफेद चिन्ह सम्मान वृद्धि एवं धन-लाभ देने वाले तथा काले चिन्ह अपयश एवं बदनामी दिलाने वाले हुआ करते हैं।

कनिष्ठा:जिन लोगों की कनिष्ठा उंगली का सिरा कोनिक होता है, वे लोग अधिकांशत: भावुक होते हैं। ऐसी उंगलियां प्राय: महिलाओं के हाथों में अधिकाधिक पाई जाती हैं। ऐसी महिलाएं सौंदर्य के प्रति आकर्षित रहती हैं तथा संवेदनशील होती हैं। वे सहज ही दूसरे पर विश्वास कर उस पर समर्पित तक हो जाती हैं।

कनिष्ठा उंगली के नाखून पर सफेद धब्बा व्यावसायिक सफलता का प्रतीक होता है, जबकि काला धब्बा असफलता का द्योतक होता है। उंगलियों के सिरों पर मेहराब की तरह का निशान व्यक्ति के शक्कीपन को बताता है। उनका मन बुझा-बुझा रहता है तथा रक्त प्रवाह दोष युक्त होता है। ऐसे व्यक्ति छूत की बीमारी से शीघ्र ही ग्रसित हो जाते हैं।उंगली का सिरा अगर वर्गाकार होता है तो व्यक्ति व्यावहारिक होता है। चौड़ा एवं फैला हुआ सिरा व्यक्ति को अनुचित रूप से महत्वाकांक्षी बनाता है। उंगलियों पर चक्र का होना अत्यधिक शुभ माना जाता है। अगर उंगलियों पर तम्बू की तरह निशान दिखाई दे तो ऐसे व्यक्ति भावुक हुआ करते हैं।

इस प्रकार उंगलियों पर बने अनेक निशानों से व्यक्ति की प्रवृत्ति एवं भविष्य को सहजता से जाना जा सकता है।

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