असम में सीएए विरोध प्रदर्शनों में मौत की घटनाओं की हो न्यायिक जांच

असम में सीएए विरोध प्रदर्शनों में मौत की घटनाओं की हो न्यायिक जांच

कांग्रेस के अब्दुल खलीक ने लोकसभा में आज कहा कि असम में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पांच लोगों के मारे जाने की घटना हुई है और सरकार को इसकी न्यायिक जांच करानी चाहिए।

श्री खलीक ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मंगलवार को कहा कि असम में जब सीएए के विरोध में प्रदर्शन हुए थे तो इन प्रदर्शनों में सिर्फ मुसलमान ही नहीं बल्कि कई धर्मों और जातियों के लोग शामिल थे। इन प्रदर्शनों के दौरान असम में पांच लोगों की मौत हुई है और सरकार को इन घटनाओं की न्यायिक जांच करानी चाहिए।


उन्होंने कहा कि इन लोगों का अपराध सिर्फ इतना था कि वे सरकार द्वारा लाए गये एक कानून का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि किसी भी कानून का विरोध करने का देश के नागरिकों का हक है और इस अपराध के लिए उन्हें गोली नहीं मारी जा सकती इसलिए इस मामले की जांच होनी आवश्यक है।

एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवेसी ने कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता कानून तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर एक ही सिक्के के दो पहलू हूं। एनपीआर लागू होगा तो एनआरसी का लागू होना तय है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एनपीआर के लिए तीन हजार करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई है। सीएए के कारण देश का माहौल बिगड़ रहा है और सरकार इस बारे में चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस कानून को वापस लेना चाहिए।

वीसीके के थिरुमावलवम थोल ने कहा कि सीएए के कारण देश की समरसता खत्म हो रही है इसलिए सरकार को इस कानून को वापस लेना चाहिए।

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