भीड़ हिंसा वाले पत्र में किसी भी पक्ष की ओर नहीं है तापसी, इसके पीछे की बताई ये बड़ी वजह

भीड़ हिंसा वाले पत्र में किसी भी पक्ष की ओर नहीं है तापसी, इसके पीछे की बताई ये बड़ी वजह

देश में हो रही भीड़ हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए हाल ही में 49 फिल्मी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा। इस पत्र के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री से इस तरह की हिंसा के बारे में चिंता जाहिर की और सख्त कानून बनाने की मांग की थी। इस बीच अब बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू ने भीड़ हिंसा को लेकर अपना नजरिया बताया है।

हाल ही में तापसी पन्नू एनबीटी उत्सव अवॉर्ड 2019 में पहुंची। यहां उन्होंने सिनेमा और सामिजक मुद्दों पर ढेर सारी बात कीं और अपना नजरिया भी बताया। तापसी पन्नू ने भीड़ हिंसा को लेकर कहा- ‘इस पूरे मामले मैं सेंट्रल हूं। मैं वामपंथी और दक्षिणपंथी राजनीति पर विश्वस नहीं रखती हूं। मैं अपने विचार उन चीजों पर जाहिर करती जो मुझे प्रभावित करती हों।’


तापसी पन्नू आगे कहती हैं- ‘देश में बुरी और अच्छी जो भी चीज होगी मैं अपने विचार रखूंगी। अगर अच्छा होगा तो मैं उसपर गर्व के साथ बात भी करूंगी। मुझे लगता है कि इस विषय (भीड़ हिंसा) को लेकर दोनों पक्ष के अपने विचार हो सकते हैं, लेकिन किसी ने मुझसे पत्र पर साइन करने के लिए नहीं कहा।’ इसके अलावा तापसी पन्नू और भी ढेर सारी बाते कीं।

आपको बता दें कि 49 फिल्मी हस्तियों द्वारा भीड़ हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र का मुद्द गरमाया हुआ है। इस पत्र के जरिए फिल्मी हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस तरह की हिंसा के बारे में चिंता जाहिर की और सख्त कानून बनाने की मांग की थी। वहीं इसके बाद डायरेक्टर मधुर भंडारकर और अशोक पंडित सहित करीब 62 हस्तियों ने इन 49 हस्तियों की बातों के खिलाफ पत्र जारी करते हुए उनके दावों को खारिज किया और आरोपों की आलोचना भी की।

भीड़ हिंसा को लेकर 49 हस्तियों के जवाब में 62 हस्तियों के पत्र में तीन तलाक का जिक्र कर मोदी सरकार के कार्यों का भी समर्थन किया गया है। पत्र में लिखा गया, तीन तलाक के मुद्दे पर कोई बात न हीं की जाती, जो महिलाओं के हक का सवाल है। इस मुद्दे पर कुछ लोग खामोश हो जाते हैं। इस सरकार में लोगों को इतनी आजादी मिली हुई है, लोग सरकार की किसी भी हद तक जाकर आलोचना कर सकते हैं। पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया है। इसमें सबका विश्वास भी शामिल है।

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