गुड फ्राइडे: 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे, जानिए इस त्योहार के बारे में सबकुछ

गुड फ्राइडे: 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे, जानिए इस त्योहार के बारे में सबकुछ

ईसाई समाज के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक गुड फ्राइडे का दिन शुक्रवार, 10 अप्रैल को पड़ रहा है। उसी दिन ही प्रभु यीशु सूली पर चढ़ाकर लटकाया गया था। आइए, आज जानते हैं, इस दिन के बारे में सबकुछ …।
अलग-अलग नामों से जाना जाता है इस दिन को

गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे, ग्रेट फ्राइडे आदि अन्य नामों से भी जाना जाता है।


पापों से बचनेकारे के लिए प्रभु यीशु मसीह ने बलिदान दिया था

ऐसी मान्यता है कि दुनिया को करुणा का संदेश देने वाले प्रभु यीशु को उस समय के धार्मिक कट्टरपंथी ने रोम के शासक से शिकायत करके उन्हें सूली पर लटका दिया था। ईसाइ धर्म के अनुसार प्रभु यीशु ने पापों को खत्म करने के लिए जन्म लिया था।

प्रभु यीशु को याद कर उनके बताए मार्ग में चलने का संकल्प लिया जाता है

ईसाई धर्म में इस दिन लोग प्रभु यीशु को याद करते हैं और उनके बताए मार्ग में चलने का संकल्प लेते हैं।

चाहे फ्राइडे की तैयारी में 40 दिन का शोक

चाहे फ्राइडे की तैयारी में पूरी दुनिया में 40 दिन का शोक मनाएं जाने की प्रथा है।

घरों में होती हैं प्रार्थनाएँ

40 दिनों तक घरों में लोग प्रार्थना करते हुए अपने पापों के लिए क्षमा याचना करते हैं। इस दौरान बाइबल अध्ययन, संगीत व प्रवचन सुने जाते हैं।

चाहे फ्राइडे के पहले पवित्र भोज की परंपरा

गुड फ्राइडे से एक दिन पहले यानी गुरुवार को भोज की परंपरा चली आ रही है। इस भोज में दाखरस व रोटी होती हैं। ऐसा माना जाता है कि प्रभु यीशु ने बलिदान से एक दिन पहले यही भोजन का सेवन किया था। यह भोज चर्चों में आयोजित किया जाता है।

प्रभु यीशु का संदेश

प्रभु यीशु पूरी दुनिया के लिए संदेश देने आए। सभी को आपसी प्रेम व्यवहार से जीवन जीने की सीख दी और गरीब और दीनहीन की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

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