लखनऊ में बम धमाका और कर्नाटक में 12 घंटों का बंद समेत अभी तक की पांच बड़ी ख़बरें

राजनीतिक आपराधिकरण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

राजनीतिक आपराधिकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया है. राजनीति में आपराधिकरण पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक पार्टी अगर किसी आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को अपना उम्मीदवार बनाती है तो उस उम्मीदवार के सभी आपराधिक मामलों की जानकारी पार्टी को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी.


पार्टी को ये भी बताना होगा कि पार्टी ने आख़िर किन कारणों से ऐसे व्यक्ति को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसके अलावा पार्टी की ये भी ज़िम्मेदारी होगी कि ऐसे दाग़दार छवि वाले उम्मीदवार की जानकारी पार्टी के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल पर दी जाए. एक स्थानीय और कम से कम एक राष्ट्रीय अख़बार में भी पार्टी को ऐसे उम्मीदवार की जानकारी देनी होगी. आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने के 72 घंटों के अंदर पार्टी को उम्मीदवार से जुड़ी सारी जानकारियां चुनाव आयोग को देनी होगी.

दरअसल बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस आरएफ़ नरीमन और जस्टिस एस रवींद्र भट की बेंच ने 31 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

शीर्ष अदालत ने साफ किया कि अगर कोई पार्टी इन निर्देशों का पालन नहीं करती है तो चुनाव आयोग कार्रवाई करेगा. साथ ही से न्यायालय की अवमानना माना जाएगा.

सितंबर 2018 में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने केंद्र सरकार को कहा था कि वो संगीन अपराधों में शामिल रहे राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारियों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को प्रतिबंधित करने के लिए तुरंत क़ानून बनाए.

कर्नाटक में 12 घंटे का बंद

बेरोज़गारी से परेशान कर्नाटक के स्थानीय समूहों ने निजी सेक्टर और सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों को आरक्षण देने की मांग पर आज कर्नाटक में बंद का ऐलान किया है. कर्नाटक संगतनेला ओक्कूटा संगठन ने इस बंद का आह्वान किया जिसके बाद करीब सौ प्रो- कन्नड़ संगठनों ने इस बंद को अपना समर्थन जताया है. वहीं ओला और उबर ड्राइवर्स और ओनर्स एसोसिएशन ने भी इस बंद को समर्थन दिया है.

बंद के दौरान कुछ जगहों से झड़प और तोड़-फोड़ की भी ख़बरें आईं हैं. उपद्रवियों ने दक्षिण कन्नड़ जिले में एक सरकारी बस पर पथराव भी किया. हालांकि बंगलूरु समेत शहरी इलाक़ों में यातायात सामान्य चल रहा है. बाज़ार और दुकानों पर भी बंद का असर नहीं दिखा. इस बीच पुलिस ने एक्टिविस्ट प्रवीन शेट्टी को नज़रबंद कर रखा है. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में भी लिया गया है.

यह लोग सरोजनी महिषी रिपोर्ट को लागू करने की मांग कर रहे हैं. इस रिपोर्ट में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी फर्मों और राज्य भर के बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कर्नाटक के लोगों को अधिकतर नौकरियों की सिफारिश की गई थी.

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