लॉकडाउन व कर्फ्यू की वजह से महंगा हुआ रोजमर्रा का सामन, खाद्य वस्तुओं के भी बढ़े दाम

कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. जिसको रोकने के लिए सरकार ने कई राज्यों को लॉकडाउन कर दिया है. अब लॉकडाउन की वजह से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो रही हैं, जिसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर भी पड़ता दिख रहा है. पिछले कुछ दिनों में आम जरूरत की चीजों के साथ खाद्य वस्तुओं के भी दाम बढ़े हैं. खुद सरकार के आंकड़े बताते है कि खाने पीने की चीजो के दाम में पिछले एक सप्ताह और रविवार को जनता कर्फ्यू (Public curfew) के बाद बढ़े हैं. उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह के दौरान दाल, सब्जी और खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि दर्ज हुई है. खुदरा बाजार में यह इजाफा और ज्यादा है. बाजार से जुड़े जानकर मानते हैं. दिल्ली में 31 मार्च तक बाजार बंद होने से दूसरे प्रदेशों में आपूर्ति और मांग का संतुलन बिगड़ सकता है. इसकी वजह से खाने-पीने की चीजों के दाम और बढ़ सकते हैं.

सरकार के मूल्य निगरानी प्रभाग के मुताबिक दालों की कीमतों में अरहर की दाल में पांच से छह रुपए किलो तक वृद्धि हुई है. बाजार में यह इजाफा दस रुपए प्रति किलो तक है. आंकड़े बताते है कि पिछले साल के मुकाबले अरहर या तूर की दाल की कीमत बीस रुपए से अधिक बढ़ी है. सोमवार को अरहर की कीमत श्रीनगर और हरिद्वार में 95 रुपए किलो तक पहुंच गई. इसी तरह उड़द और मूंग की दाल की कीमतों में भी काफी इजाफा हुआ है. खाद्य तेल की कीमतों में भी जबरदस्त वृद्धि का रुझान है. सरसों और वनस्पति की कीमत पांच रुपये प्रतिकिलो तक सरकारी आंकड़ों में बढ़े है. बाजार में यह इजाफा दस रुपये प्रतिकिलो तक है. शिमला में सरसों का तेल 130 रुपये पर पहुंच गया, जबकि एक सप्ताह पहले तेल की कीमत 117 रुपये प्रति किलो थी. गेंहू के आटा और चावल की कीमत भी बढ़ी है. दूसरी तरफ आवाजाही कम या लगभग बंद होने से स्थानीय स्तर पर दाम कम हुए है.


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