‘केम छो ट्रंप’: जानिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को अचानक क्यों आई इंडिया की याद ?

‘केम छो ट्रंप’: जानिए अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को अचानक क्यों आई इंडिया की याद ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दोस्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भव्य स्वागत करने के लिए तैयार हैं। अमेरिका में हुए हाउडी मोदी की तर्ज पर गुजरात के अहमदाबाद में केम छो ट्रंप का आयोजन किया जा रहा हैं। अहमदाबाद के मोटेरा स्थित दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में ट्रंप के स्वागत के लिए ‘केम छो ट्रम्प’ कार्यक्रम होगा।

ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी दोनों ही सबसे पहले दुनिया के सबसे बड़े नव-निर्मित सरदार पटेल मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन भी करेंगे। इस कार्यक्रम में ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करेंगे। दावा किया जा रहा है कि अंतराष्‍ट्रीय स्‍तर के दोनों नेताओं का यह अब तक का सबसे बड़ा मेगा शो होगा। अमेरिका में हुए ‘हाउडी मोदी’कार्यक्रम में जहां 50 हजार लोग शामिल हुए थे। वहीं, अहमदाबाद में एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत यात्रा के दौरान ट्रंप अहमदाबाद में भव्य रोड शो में शामिल होंगे और साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे।


पहली बार आ रहे टृंप
पहली बार भारत आ रहे ट्रंप

बता दें इसके लिए आगामी 24 और 25 फरवरी को अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप भारत यात्रा पर आ रहे हैं। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। ट्रंप का पीएम मोदी अपने गृह जनपद गुजरात के अहमदाबाद में ट्रंप का स्‍वागत बड़े शाही अंदाज में करेंगे। ट्रंप का भारत आगमन अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनाव की तैयारियों के बीच हो रहा हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिका में राष्‍ट्रपति चुनावी की तैयारियों के बीच आखिर ट्रंप को अचानक भारत की याद कैसे आई? आइए जानते हैं कि खास वजह

 

इसलिए पड़ी हमारी जरुरत
ट्रंप को इसलिए पड़ी भारतीयों की जरुरत

जैसा कि बता चुके है कि अमेरिका में अमेरिका में जल्द ही प्रेसिडेंट इलेक्शन होने वाले हैं। ट्रंप को अपने अब तक के कार्यकाल में भारत की याद नहीं आयी लेकिन अमेरिका में चुनावी मौसम के बीच ट्रंप को भारत आने का कनेक्‍शन जुड़ा हैं। बता दें अमेरिका में हो रहे राष्‍ट्रपति चुनाव में ट्रंप अपने दूसरे टर्म के लिए दावा ठोक रहे हैं। ट्रंप के अपोजिशन में अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैं जिन्‍होंने ट्रंप को कड़ी टक्कर देने के लिए कमर कसी हुई हैं। ऐसे में अमेरिका में रह रहे भारतीयों के वोट की बहुत जरुरत हैं। ट्रंप को चुनाव जीतने के लिए अमेरिका में बसे भारतीयों के समर्थन की सख्‍त जरूरत है। अमेरिका में 40,94,539 भारतीय मूल के लोग रहते हैं और करीब 15,58,594 एनआरआई वोटर हैं। पिछले साल अमेरिका में पीएम मोदी के हाउडी मोदी कार्यक्रम में ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ का नारा लग भी चुका है। जाहिर है कि ट्रंप अपने दौरे में इस जुड़ाव को और मजबूत करना चाहेंगे।

 

जानें अमेरिका में भारतीय मतदाताओं की संख्‍या

गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों में अमेरिका में भारतीय मूल के मतदाताओं की संख्‍या में बहुत बढ़ोत्‍तरी हुई है। अमेरिका में सबसे ज्‍यादा भारतीय मूल के लोग कैलिफोर्निया में रहते हैं। कैलिफोर्निया में 7.3 लाख भारतीय रहते हैं। इसके बाद 3.7 लाख भारतीय न्‍यूयार्क, 3.7 लाख भारतीय न्‍यूजर्सी, 3.5 टेक्‍सास में रहते हैं। अमेरिका के 50 में से 18 राज्‍यों में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। अन्‍य देशों की संख्‍या में अमेरिका में बसे भारतीय मूल के लोगों की संख्‍या सर्वाधिक है। मालूम हो कि अमेरिका के 50 में से 16 राज्‍यों की कुल जनसंख्‍या का 1 प्रतिशत भारतीय समुदाय के लोग हैं। अब ऐसे में समझ सकते हैं कि ट्रंप अपनी भारत यात्रा में भारत से गहरा नाता दिखा कर इन्‍हीं भारतीय मतदाताओं के दिल को जीतने की कोशिश करेंगे।

 

गुजरातियों का समर्थन चाहते हैं ट्रंप
प्रभावशाली गुजरातियों का समर्थन चाहते हैं ट्रंप

मीडिया रिपेार्ट के अनुसार भारत का दौरा वो भी गुजरात आने का निमंत्रण स्‍वीकार करने के पीछे बहुत बड़ा कारण हैं। वो ये है कि गुजरातियों से ट्रंप को अपने चुनाव को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। वह गुजरात से भारत यात्रा करके वो ट्रंप को उम्मीद है कि उन्‍हें प्रभावशाली गुजराती समुदाय का समर्थन मिल जाएगा। ट्रंप ने अपनी गुजरात यात्रा को लेकर कहा था, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे यहां लाखों-लाख लोग होंगे। उनका मानना है कि सिर्फ एयरपोर्ट से लेकर मोटेरा स्टेडियम तक 50 से 70 लाख लोग होंगे। इस दौरान वो अमेरिका में बैठे गुजराती वोटरों का दिल भी जीत सकेंगे।

गुजरातियों से ट्रंप को ये भी है उम्मीद

राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि इस यात्रा से ‘ट्रंप का संदेश साफ है कि गुजराती समुदाय कृपया अपने परिवार, मित्रों और रिश्‍तेदारों से कहिए कि वे नवंबर महीने में होने वाले चुनाव में उन्‍हें वोट करें।’ दरअसल, अमेरिका में रहे 15,58,594 भारतीय मूल के मतदाताओं में से करीब 20 फीसदी गुजराती मूल के हैं। ये मतदाता आर्थिक रूप से काफी मजबूत हैं। ‘केम छो’ के जरिए ट्रंप की नजर इन्‍हीं मतदाताओं पर है। मालूम हो कि दुनिया में सबसे खर्चीला चुनाव अमेरिका में होता है और ये गुजराती मतदाता वोट के साथ पैसे से भी ट्रंप की मदद कर सकते हैं। दरअसल, अमेरिका के मोटेल इंडस्‍ट्री के 40 प्रतिशत हिस्‍से पर गुजरातियों का कब्‍जा है। गुजराती जमीन से जुड़े होने के साथ-साथ दिलदार होते हैं ये बात किसी से छिपी नहीं। हालांकि आने वाला समय बताएगा कि ट्रंप की भारतीयों से जुड़ी उम्मीद पूरी होगी या नहीं?

 

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