5 फायदे देगी सौंफ की चाय, सौंफ खाने के 13 अन्य फायदे पढ़ना भी ना भूलें

5 फायदे देगी सौंफ की चाय, सौंफ खाने के 13 अन्य फायदे पढ़ना भी ना भूलें

सौंफ की चाय का सेवन, कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से आपको बचा सकता है। जानिए सौंफ की चाय पीने के यह बेहतरीन फायदे –

1 पेट में होने वाली जलन, ए‍सीडिटी, गैस, पेट दर्द, डायरिया और महिलाओं में मासिक धर्म के समय होने वाले दर्द में भी सौंफ की चाय का सेवन फायदा पहुंचाता है।


2 खून को साफ करने के लिए सौंफ बेहद फायदेमंद है। यह न केवल बेहतरीन ब्लड प्यूरीफायर यानि रक्तशोधक है, बल्कि आपके लिवर और किडनी के लिए भी फायदेमंद है।

3 यह शरीर में वसा के जमाव को कम करती है और आपके वजन को कम करने में मददगार साबित होती है। यह आपकी प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है।

4 एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह चाय आपको तनाव रहित रहने में मदद करेगी और आपके दिल का भी ख्याल रखने में सहायक होगी। यह आपको लगातार तरोताजा महसूस कराएगी।

5 त्वचा में चमक पैदा करके यह चाय आपके आकर्षण को बढ़ाने में मदद करेगा और झुर्रियों को कम करके आपको जवां दिखाने में भी बेहद सहायक होगी।

सौंफ खाने के 13 फायदे

*सौंफ और मिश्री समान भाग लेकर पीस लें। इसकी एक चम्मच मात्रा सुबह-शाम पानी के साथ दो माह तक लें। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है तथा नेत्र ज्योति में वृद्धि होती है।

* बेल का गूदा 10 ग्राम और 5 ग्राम सौंफ सुबह-शाम चबाकर खाने से अजीर्ण मिटता है और अतिसार में लाभ होता है।

* सौंफ 50 ग्राम व जीरा 50 ग्राम हल्का भूनकर 25 ग्राम काला नमक मिलाकर चूर्ण तैयार कर लें। भोजन के बाद कुनकुने पानी में लें। यह उत्तम पाचक चूर्ण है।

* सौंफ का अर्क 10 ग्राम शहद में मिलाकर लें। खांसी में आराम मिलेगा।

* सौंफ 25 ग्राम, छोटी हरड़ 50 ग्राम, मिश्री या चीनी 50 ग्राम लेकर बारीक चूर्ण बना लें। रात्रि को सोते समय 5 ग्राम मात्रा में कुनकुने जल में लें। कब्ज दूर होगा, मंदाग्नि दूर होगी, गैस व आफरा में आराम मिलेगा।

* यदि आपको पेट में दर्द होता है तो भुनी हुई सौंफ चबाइए। आराम मिलेगा। सौंफ की ठंडाई बनाकर पीजिए, इससे गर्मी शांत होगी और जी मिचलाना बंद हो जाएगा।

* पेट में वायु का प्रकोप हो तो दाल अथवा सब्जी में सौंफ छोंककर कुछ दिनों तक प्रयोग कीजिए।

* यदि कब्ज की शिकायत हो तो रात्रि में सोते समय गुनगुने पानी के साथ सौंफ के चूर्ण का इस्तेमाल करें।

* यदि आपको खट्टी डकारें आ रही हों तो थोड़ी सी सौंफ पानी में उबालकर मिश्री डालकर पीजिए। दो-तीन बार प्रयोग से आराम मिल जाएगा।

* हाथ-पांव में जलन होने की शिकायत होने पर सौंफ के साथ बराबर मात्रा में धनिया कूट-छानकर, मिश्री मिलाकर खाना खाने के पश्चात 5-6 ग्राम मात्रा में लेने से कुछ ही दिनों में आराम हो जाता है।

* जिन व्यक्तियों को संग्रहणी की बीमारी हो, उन्हें चाहिए कि भोजन के बाद आधी कच्ची, आधी भुनी हुई सौंफ तैयार करवाकर दोनों समय नियमित सेवन करें।

* कब्ज दूर करने के लिए 100 ग्राम सौंफ पीसकर रख लें। इसकी दो चम्मच गुलाब के गुलकंद के साथ सुबह-शाम भोजन के बाद खाएँ।

* गले में खराश होने पर सौंफ को चबाते रहने से बैठा गला साफ हो जाता है।

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Linkedin Join us on Linkedin Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS