इस जगह पड़े मिले 120 करोड़ रुपए, लेकिन कोई ख़र्च नहीं कर सकता इसे !

इस जगह पड़े मिले 120 करोड़ रुपए, लेकिन कोई ख़र्च नहीं कर सकता इसे !

आज के समय में पैसे की क्या अहमियत है, यह किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। आजकल बिना पैसे के कुछ भी सम्भव नहीं है। पैसे के दम पर आज के समय में कोई भी व्यक्ति कुछ भी हासिल कर सकता है। आज पैसा ही सबकुछ बना हुआ है। यही वजह है कि हर कोई आजकल पैसे के पीछे भागता है। लोग चाहते हैं कि उन्हें कहीं से भी पैसा मिल जाए। कुछ लोग पैसा कमाने के लिए मेहनत करते हैं, जबकि कुछ लोग चाहते हैं कि उन्हें ऐसे ही बिना मेहनत के पैसा मिल जाए। बिना मेहनत के तो आज के समय में कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता है।

अक्सर आने राह चलते समय कई बार कुछ पैसे पाए होंगे। इन पैसों को पाने के बाद काफ़ी ख़ुशी होती है। जब आप थोड़े पैसे पाते हैं तो आपको बहुत ज़्यादा ख़ुशी होती है, लेकिन आप सोचिए अगर आपको करोड़ों रुपए कहीं पड़े हुए मिल जाए तो आपका क्या हाल होगा। शायद आप ख़ुशी से पागल ही हो जाएँगे। इतने पैसे अगर किसी व्यक्ति को मिल जाए तो उसका पूरा जीवन ही बदल जाएगा। करोड़ों रुपए किसी भी एक व्यक्ति का जीवन गुज़ारने के लिए काफ़ी होता। नोटबंदी के समय भारत में कई लोगों ने लाखों रुपए पाए थे।


आज हम आपको एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आपके पैरों तले से ज़मीन खिसक जाएगी। कुछ दिनों पहले पूर्वी रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में कुछ लोगों के एक समूह को एक दलदली और उजाड़ वाली जगह पर लगभग 1 अरब रुबल के नोट मिले। जानकारी के अनुसार भारतीय मुद्रा में इसकी क़ीमत लगभग 120 करोड़ रुपए है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन पैसों को जिसने भी खोज है, उसे इसे ख़र्च करने की इजाज़त नहीं है। बताया जा रहा है कि पाए गए नोट पूर्व सोवियत संघ के दौर के हैं और अब ये चलन में नहीं हैं।

जहाँ नोट मिला है वह जगह मॉस्को से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्लादिमीर क्षेत्र है। जानकारी मिली है कि यह एक प्राचीन खदान है, जहाँ सोवियत संघ के समय मिसाइलें रखी जाती थीं। खोज करने वाले ग्रूप ने यह सुना था कि उस जगह पर बहुत पैसा दबा हुआ है। इस वजह से उस जगह पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। जब यह घटना सामने आयी तो पूरे विश्व के मीडिया में यह ख़बर सूर्खियों में छा गयी। जब पाए गए नोटों की जाँच पुरातत्व विभाग ने की तो पता चला कि ये नोट सोवियत संघ के दौर के हैं।

पाए गए नोटों को साल 1961 से 1991 के बीच जारी किया गया था। उस समय ये नोट चलन में थे और लोगों के लिए ये काफ़ी क़ीमती थे। लेकिन आज के समय में इन नोटों की कोई वैल्यू नहीं है। जानकारों का कहना है कि ये नोट जिन जगहों से प्राप्त हुए हैं, पहले उस जगह पर मिसाइलें रखी जाती थीं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जब बाढ़ आयी होगी तो ये नोट बहकर खदान में चले गए होंगे। आपको बता दें जब भारत में 2016 में नोटबंदी हुई थी तब भी इसी तरह की घटनाएँ देखी गयी थी। लोग अपने काले धन को छुपाने के लिए कहीं फेंक देते थे या उसमें आग लगा देते थे।

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