एपीजे अब्दुल कलाम के 10 विचार, जिससे बदल सकती है युवाओं की सोच

एपीजे अब्दुल कलाम के 10 विचार, जिससे बदल सकती है युवाओं की सोच

देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से पहचाने जाने वाले अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्तूबर, 1931 में हुआ था। बतौर वैज्ञानिक उन्होंने देश को मिसाइल टेक्नोलॉजी में विश्व स्तरीय बना दिया वहीं एक राष्ट्रपति के रूप में करोडों हिन्दुस्तानियों को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा भी दी। उनका निधन 27 जुलाई, 2015 में शिलांग में लेक्चर देते वक्त दिल का दौरा पड़ने से हुआ था। देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। उनके विचार युवाओं के लिए बेहद प्रेरक रहे हैं। ऐसे ही कुछ विचारों को आइए अपने जीवन में उतारते हैं।

जीवन में पहली सफलता के बाद रूकें नहीं, क्योंकि यदि आप दूसरे प्रयास में असफल हो गए, तो लोग यही कहेंगे कि आपकी पहली सफलता भाग्य की वजह से मिली।


सभी चिड़ियां बारिश में छाया की तलाश करती हैं, परंतु गरूड़ उसकी परवाह नहीं करता, क्योंकि वह बादलों के ऊपर उड़ता है!

इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।

असफलता कभी मुझे पछाड़ नहीं सकती, क्योंकि मेरी सफलता की परिभाषा बहुत मजबूत है।

आकाश की तरफ देखिए हम अकेले नहीं हैं। सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है, और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है।

एक अच्छी पुस्तक हजार दोस्तों के बराबर होती है, जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाइब्रेरी (पुस्तकालय) के बराबर होता है।

सपना वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे।

जीवन में कठिनाइयां हमे बर्बाद करने के लिए नहीं आती हैं, बल्कि यह हमारी छुपे हुए सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में हमारी मदद करती है। कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आप उससे भी ज्यादा कठिन हो।

देश का सबसे अच्छा दिमाग, क्लास रूम की आखिरी बेंचो पर मिल सकता है।

अगर आप सूर्य की तरह चमकना चाहते हैं, तो आपको पहले सूर्य की तरह ही जलना भी होगा।

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