शिवसेना को बराबर बताने के मूड में नहीं भाजपा, हो सकती है खटपट!

शिवसेना को बराबर बताने के मूड में नहीं भाजपा, हो सकती है खटपट!

  • विधानसभा चुनावों में घटेंगी शिवसेना की सीटें
  • बीजेपी 170 सीटों पर अकेले लड़ना चाहती है चुनाव
  • प्लान बी पर दोनों पार्टियां कर रही हैं काम

महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवार को लेकर खटपट हो सकती है. शिवसेना बीजेपी के बराबर सीटें चाहती है. मगर बीजेपी बराबर सीटें देने को तैयार नहीं है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बीजेपी से 40 से 50 कम सीटें शिवसेना को देने की तरफ इशारा कर चुके हैं. सीटों के बंटवारे को लेकर खटपट होने की आशंका दोनों दलों को है.

यही वजह है कि बीजेपी और शिवसेना दोनों ने विकल्प खुले रखे हैं. प्लान बी पर दोनों पार्टियां काम कर रहीं हैं. अगर अहम आडे़ आया तो दोनों दल 2014 की तरह अलग राह पकड़ सकते हैं. हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर शिवसेना अलग हुई तो भी चुनाव बाद वह 2014 की तरह बीजेपी के साथ आकर सरकार में शामिल हो सकती है.


कितनी सीटें मिलेंगी शिवसेना को?

महाराष्ट्र में गठबंधन की स्थिति में बीजेपी करीब 170 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ना चाहती है. वहीं वह शिवसेना के लिए 100 से 120 सीटें छोड़ना चाहती है. शेष सीटें छोटे सहयोगियों को देने की तैयारी है. गठबंधन में बराबरी की वकालत करने वाले सहयोगी दल शिवसेना को कम सीटें देने के पीछे वजह है बीजेपी की मजबूती.

बीजेपी का मानना है कि चाहे 2014 का विधानसभा चुनाव हो या फिर 2019 का लोकसभा चुनाव, ज्यादा सीटें जीतकर बीजेपी ने दिखा दिया है कि गठबंधन में बड़े भाई की हैसियत में वही है.

2014 विधानसभा चुनाव में किसे कितनी सीटें

दरअसल महाराष्ट्र में बीजेपी 2014 से ही काफी मजबूत स्थिति में है. 2014 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना के अलग चुनाव लड़ने के बावजूद बीजेपी अकेले दम पर 122 सीटें जीतने में सफल रही थी. जबकि शिवसेना को 63 सीटों से संतोष करना पड़ा था. बाद में बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया था. अब चूंकि जम्मू-कश्मीर से मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अनुच्छेद 370 हटा दिया. ऐसे में देश में राष्ट्रवाद की लहर कुछ और मजबूत हुई है.

बीजेपी नेताओं का मानना है कि पार्टी अपने दम पर भी राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में है. बीजेपी की एक और समस्या यह है कि इस बार शिवसेना ने इशारों ही इशारों में गठबंधन में मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोका है. 2014 में भी ऐसी ही डिमांड के चलते गठबंधन टूट गया था.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे के भी इस बार चुनाव लड़ने की चर्चा है. अगर ऐसा हुआ तो किसी चुनाव मैदान में उतरने वाले वह ठाकरे परिवार के पहले सदस्य होंगे. शिवसेना आदित्य ठाकरे को गठबंधन की तरफ से सीएम दावेदार के रूप में देखना चाहती है. शिवसेना के कुछ नेता पूर्व के बयानों में अपने संकेत दे चुके हैं. ऐसे में सीटों के बंटवारे और सीएम पद को लेकर आगे चलकर दोनों दलों के बीच खटपट हो सकती है.

बीजेपी ने सभी सीटों पर की तैयारी

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महाराष्ट्र में संगठन की बैठक में सभी 288 सीटों पर चुनावी तैयारियां करने के निर्देश दे चुके हैं. वहीं पार्टी महासचिव और महाराष्ट्र प्रभारी सरोज पांडेय भी सभी सीटों पर बूथ लेवल की तैयारियों पर जोर दे रहीं हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी अपने दम पर भी चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है. बीजेपी के एक नेता कहते हैं कि पार्टी शिवसेना के साथ चलने में यकीन रखती है, मगर ज्यादा नखरे सहने के मूड में नहीं है.

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