जे पी नड्डा बने BJP के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड की बैठक में हुआ फैसला

जे पी नड्डा बने BJP के कार्यकारी अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड की बैठक में हुआ फैसला

जेपी नड्डा बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं. आज बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में ये फैसला हुआ है. संगठन के चुनाव तक जेपी नड्डा अध्यक्ष पद संभालेंगे. जेपी नड्डा 19 जून यानी बुधवार को कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करेंगे.

संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह घोषणा की. बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह शामिल हुए. अमित शाह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे. राजनाथ सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘जे पी नड्डा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष होंगे.’ सूत्रों के अनुसार बोर्ड ने शाह से पार्टी के सदस्यता अभियान और संगठनात्मक चुनाव संपन्न होने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया. हालांकि, शाह ने कहा कि गृह मंत्री होने के नाते वह कई अन्य मामलों में भी व्यस्त रहेंगे.
ऐसा पहली बार है जब पार्टी ने एक कार्यकारी अध्यक्ष को नियुक्त किया है. सूत्रों ने बताया कि अमित शाह का कार्यकाल दिसम्बर 2019 में समाप्त होना है और वह पार्टी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के चलते पार्टी अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल में विस्तार नहीं लेना चाहेंगे. सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में बीजेपी के संसदीय बोर्ड के सचिव नड्डा बीजेपी के संगठनात्मक चुनाव संपन्न होने तक कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे और ऐसे संकेत हैं कि वह शाह का स्थान ले सकते है.


राजनाथ सिंह ने कहा कि बीजेपी ने अमित शाह के नेतृत्व में कई चुनाव जीते हैं लेकिन चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें गृह मंत्री नियुक्त किया है. लिहाजा अमित शाह ने स्वंय कहा कि बीजेपी अध्यक्ष का पद किसी और को दिया जाना चाहिए. बीजेपी के संसदीय बोर्ड ने जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है.

58 वर्षीय जेपी नड्डा को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी जहां बीजेपी ने 80 सीटों में से 62 सीटें हासिल की थी.

जेपी नड्डा के बारे में जानिए
59 साल के जेपी नड्डा ने 1978 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से छात्र राजनीति की शुरुआत की. वह 2010 से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं, नितिन गडकरी जब बीजेपी के अध्यक्ष थे तब उन्होंने नड्डा को अपनी टीम में शामिल किया था. उस वक्त वह बीजेपी के महासचिव थे. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में स्वास्थय मंत्री रहे जेपी नड्डा बीजेपी के बेहद लो प्रोफाइल नेताओं में से एक हैं. पटना कॉलेज से बीए करने वाले नड्डा ने शिमला में हिमाचल यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली.

हिमाचल प्रदेश की राजधानी में लंबी पारी खेलने के बाद साल 2012 जेपी नड्डा राज्यसभा पहुंचे. मई 2019 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बने. अपनी तेज राजनीतिक रणनीति के लिए पहचाने जाने वाले नड्डा बीजेपी संसदीय बोर्ड के सचिव भी हैं. कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर नड्डा के सामने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाना सबसे बड़ी चुनौती है.

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